11 February 2026
ग्लोबल पासपोर्ट पावर इंडेक्स 2025: यूएई सबसे शक्तिशाली, पाकिस्तान सबसे कमजोर, भारत का स्कोर बढ़ा लेकिन रैंकिंग घटी। पूरी रिपोर्ट पढ़ें।
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2025 में सबसे शक्तिशाली और कमजोर पासपोर्ट: यूएई शीर्ष पर, पाकिस्तान सबसे नीचे, भारत कहाँ खड़ा है?

ग्लोबल पासपोर्ट पावर इंडेक्स 2025: भारत की गतिशीलता बढ़ी, लेकिन रैंकिंग में गिरावट

नई दिल्ली | 5 सितंबर, 2025: ग्लोबल पासपोर्ट पावर इंडेक्स 2025 के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने लगातार पांचवें वर्ष दुनिया के सबसे शक्तिशाली पासपोर्ट का खिताब बरकरार रखा है, जबकि पाकिस्तान सबसे कमजोर पासपोर्ट की सूची में बना हुआ है। इस वर्ष के इंडेक्स में भारत के पासपोर्ट की गतिशीलता में वृद्धि देखी गई है, हालांकि इसकी वैश्विक रैंकिंग में थोड़ी गिरावट आई है। यह रिपोर्ट दुनिया भर के देशों के राजनयिक प्रभाव और उनके नागरिकों को मिलने वाली वैश्विक गतिशीलता को दर्शाती है।

संयुक्त अरब अमीरात का दबदबा और एशियाई देशों का उदय

संयुक्त अरब अमीरात ने 179 के गतिशीलता स्कोर के साथ लगातार पांचवें वर्ष अपना शीर्ष स्थान बनाए रखा है, जो 2024 से अपरिवर्तित है। यह दर्शाता है कि UAE का पासपोर्ट धारकों को बिना वीजा के या वीजा-ऑन-अराइवल के साथ बड़ी संख्या में देशों की यात्रा करने की सुविधा प्रदान करता है, जिससे वैश्विक यात्रा में उनकी पहुंच मजबूत होती है।

जहां कई प्रमुख पासपोर्टों के गतिशीलता स्कोर में थोड़ी गिरावट देखी गई, वहीं इस साल एशियाई देशों ने महत्वपूर्ण लाभ दर्ज किए हैं। सिंगापुर का पासपोर्ट 2024 में छठे स्थान से 2025 में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है, जो स्पेन के साथ बराबरी पर है। हालांकि, सिंगापुर ने तीन ऐसे गंतव्यों के लिए वीजा-मुक्त पहुंच खो दी है, जिनके लिए अब वीजा की आवश्यकता है। दक्षिण कोरिया और जापान भी क्रमशः पिछले साल के चौथे और पांचवें स्थान से तीसरे और चौथे स्थान पर आ गए हैं।

यूरोपीय और पश्चिमी देशों के पासपोर्ट की स्थिति

इस बीच, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड, लक्जमबर्ग, ऑस्ट्रिया और स्विट्जरलैंड सहित प्रमुख यूरोपीय पासपोर्टों में थोड़ी गिरावट आई है, जिनके गतिशीलता स्कोर 178 से घटकर 174 हो गए हैं। यह वैश्विक भू-राजनीतिक परिवर्तनों और विभिन्न देशों के बीच यात्रा समझौतों में बदलाव का परिणाम हो सकता है।

यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका भी सूची में नीचे खिसक गए हैं, क्रमशः 8वें और 9वें स्थान पर हैं। यूके का स्कोर 174 से घटकर 169 हो गया है, जबकि अमेरिका का स्कोर 173 से घटकर 168 हो गया है। यह दर्शाता है कि इन पारंपरिक रूप से शक्तिशाली पासपोर्टों को भी वैश्विक गतिशीलता के मामले में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

सबसे कमजोर पासपोर्ट: अफगानिस्तान और सीरिया

रैंकिंग में सबसे नीचे, अफगानिस्तान और सीरिया एक बार फिर सबसे कमजोर पासपोर्ट वाले देश बने हुए हैं। इस साल, उन्होंने स्थान बदल दिए हैं, अफगानिस्तान 102वें और सीरिया 101वें स्थान पर है। इन देशों के पासपोर्ट धारकों को बहुत कम देशों में बिना वीजा के यात्रा करने की अनुमति है।

भारतीय पासपोर्ट की स्थिति: गतिशीलता बढ़ी, रैंकिंग में गिरावट

भारतीय पासपोर्ट इस साल घाना और गाम्बिया के साथ 73वें स्थान पर है। पिछले साल की तुलना में एक स्थान नीचे खिसकने के बावजूद, भारत का गतिशीलता स्कोर इस साल बढ़कर 74 हो गया है। भारतीय पासपोर्ट धारकों को 30 देशों में वीजा-मुक्त पहुंच प्राप्त है, जबकि 44 देशों में वीजा-ऑन-अराइवल की आवश्यकता होती है, और 124 गंतव्यों के लिए पहले से वीजा की आवश्यकता होती है। यह दर्शाता है कि भारतीय नागरिकों के लिए वैश्विक यात्रा के अवसर बढ़ रहे हैं।

स्रोत: 2025 पासपोर्ट इंडेक्स (passportindex.org)

यह रिपोर्ट 5 सितंबर, 2025 को दोपहर 01:00 बजे प्रकाशित हुई थी।

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